There was an error in this gadget

Monday, May 11, 2009

पाकी यह संसार!

निर्बल आजा,
सजग व्यथा का,
पाकी यह संसार!
तुज्हे पूछता,
मुजहे भूलता,
यह कैसा आचार?

...ankur

No comments: